Gallstones Homoeopathy Treatment Without Surgery
होम्योपैथी में पित्त की थैली में पथरी का इलाज
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पित्त की थैली में पथरी का होम्योपैथिक इलाज — क्या सच में फर्क पड़ता है?
पित्ताशय (Gallbladder) में पथरी आज एक बेहद आम समस्या बन चुकी है। खराब खानपान, तेल-मसालेदार भोजन, और बैठे रहने की जीवनशैली इसके सबसे बड़े कारणों में से हैं। जब दर्द बार-बार उठता है, तो बहुत से लोग ऑपरेशन से पहले होम्योपैथी को आज़माना चाहते हैं — और यह समझ में भी आता है।
होम्योपैथी में पित्त की थैली की पथरी का इलाज संभव है, लेकिन यह तभी कारगर होता है जब सही दवा, सही खुराक और एक योग्य होम्योपैथिक चिकित्सक की देखरेख हो।
गॉल ब्लैडर स्टोन में होम्योपैथी कैसे काम करती है?
होम्योपैथी शरीर की आंतरिक ताकत को जगाकर काम करती है। यह दवाएं पित्त के बहाव को सुधारती हैं, सूजन कम करती हैं और कुछ मामलों में छोटी पथरियों को धीरे-धीरे घोलने में मदद कर सकती हैं। हर मरीज़ के लक्षण अलग होते हैं, इसलिए दवा का चुनाव भी उसी के अनुसार होता है।
पित्त की थैली की पथरी के लिए प्रमुख होम्योपैथिक दवाएं(Homeopathy medicine for gall bladder stone in hindi)
1. चेलिडोनियम मेजस (Chelidonium Majus)
यह दवा लिवर और पित्ताशय की समस्याओं के लिए होम्योपैथी की सबसे भरोसेमंद दवाओं में से एक मानी जाती है। अगर दर्द पेट के दाईं तरफ उठता हो, कंधे तक जाता हो, और त्वचा या आंखों में हल्का पीलापन दिखे — तो यह दवा बेहद उपयोगी होती है। यह पित्त के प्राकृतिक बहाव को बेहतर बनाती है और यकृत की कार्यक्षमता को सुधारती है।
2. बर्बेरिस वल्गेरिस (Berberis Vulgaris)
जब पथरी के कारण तीव्र, चुभन भरा दर्द हो — खासकर तब जब यह दर्द एक जगह से शुरू होकर दूसरी जगह फैलता हो — तो बर्बेरिस बेहद कारगर साबित होती है। यह दवा पित्ताशय की सूजन कम करने और पथरी को विघटित करने में मदद करती है। पेशाब में जलन या पीठ दर्द के साथ पित्त की समस्या हो तो यह और भी उपयुक्त बन जाती है।
3. लाइकोपोडियम क्लावाटम (Lycopodium Clavatum)
यह दवा उन लोगों के लिए है जिनका पेट वसायुक्त या भारी भोजन के बाद फूल जाता है, गैस बनती है और दर्द होता है। आमतौर पर दर्द शाम 4 से 8 बजे के बीच बढ़ता है — यह इस दवा की पहचान है। पाचन तंत्र की कमज़ोरी और पित्त से जुड़ी पुरानी शिकायतों में यह बहुत प्रभावी होती है।
4. कैलकेरिया कार्बोनिका (Calcarea Carbonica)
जिन लोगों का वज़न अधिक है, पाचन धीमा है, और बार-बार अपच की शिकायत रहती है — उनके लिए यह दवा अच्छे परिणाम देती है। मोटापे से संबंधित पथरी के मामलों में Calcarea Carbonica को प्राथमिकता दी जाती है। ठंडे पसीने, ठंड के प्रति संवेदनशीलता और भारी शरीर वाले मरीज़ों के लिए यह विशेष रूप से उपयुक्त है।
5. पल्साटिला (Pulsatilla)
यह दवा खासतौर पर उन महिलाओं के लिए है जिनमें हार्मोनल बदलाव के कारण पित्ताशय की समस्या उत्पन्न हुई हो। तैलीय खाना खाने के बाद पेट में भारीपन, मतली और असहजता हो तो Pulsatilla बेहद उपयोगी होती है। यह दवा उन लोगों पर भी अच्छा असर करती है जो भावनात्मक रूप से संवेदनशील हों और खुली हवा में बेहतर महसूस करते हों।
6. कोलेस्टेरिनम (Cholesterinum)
जब पथरी का निर्माण अधिक कोलेस्ट्रॉल के कारण हुआ हो, तो यह दवा विशेष रूप से काम आती है। यह पित्त में कोलेस्ट्रॉल के जमाव को नियंत्रित करने और पित्ताशय के स्वास्थ्य को बनाए रखने में मदद करती है।
7. नैट्रम सल्फ्यूरिकम (Natrum Sulphuricum)
यह दवा उन जटिल मामलों में कारगर होती है जहाँ पित्त की समस्या के साथ-साथ पुराना दस्त, जोड़ों का दर्द, अस्थमा या डिप्रेशन भी हो। नमी और बदलते मौसम से जिनकी तकलीफ बढ़ती हो, उनके लिए यह एक उपयुक्त औषधि है।
8. नक्स वोमिका (Nux Vomica)
जो लोग अधिक तला-भुना खाना खाते हैं, जिनकी जीवनशैली तनावपूर्ण है, और जिन्हें अक्सर मतली, सीने में जलन, ऐंठन और गैस की शिकायत रहती है — उनके लिए नक्स वोमिका एक बेहतरीन विकल्प है। यह पाचन तंत्र को ठीक करने और पित्त की गतिशीलता को सुधारने में मदद करती है।
होम्योपैथिक उपचार के दौरान इन बातों का ध्यान रखें
खानपान में बदलाव बेहद ज़रूरी है — तला हुआ, मसालेदार और जंक फूड कम करें। खूब पानी पिएं और नियमित रूप से हल्की सैर करें। होम्योपैथी दवाओं के साथ कुछ चीज़ें नहीं खानी चाहिए जैसे कच्चा लहसुन-प्याज, कॉफी और पुदीना — क्योंकि ये दवा के असर को कम कर सकती हैं।
ज़रूरी सलाह
होम्योपैथी में हर व्यक्ति के लक्षण अलग होते हैं। ऊपर बताई गई दवाएं जानकारी के उद्देश्य से दी गई हैं। बिना किसी योग्य होम्योपैथिक चिकित्सक की सलाह के इनका सेवन न करें। गलत दवा या गलत पोटेंसी (खुराक) से स्थिति बिगड़ सकती है। अगर दर्द बहुत तीव्र हो, बुखार हो या पीलिया के लक्षण दिखें, तो तुरंत डॉक्टर से मिलें।
पित्त की पथरी की होम्योपैथिक दवा कैसे काम करती है?
होम्योपैथी में हर मरीज़ का इलाज उसके अपने लक्षणों के आधार पर किया जाता है — इसे वैयक्तिकरण (Individualization) कहते हैं। यानी दो मरीज़ों को एक जैसी पथरी होने पर भी उनकी दवाएं अलग हो सकती हैं। हमारे डॉक्टर पहले मरीज़ से विस्तार से बात करते हैं, उनकी रिपोर्ट्स देखते हैं और उसके बाद ही दवा का चुनाव करते हैं।
गॉल ब्लैडर स्टोन के होम्योपैथिक उपचार को मुख्यतः तीन भागों में बांटकर दिया जाता है:
1. पथरी को घोलने (Dissolve) करने की दवा
हमारा लिवर पित्त बनाता है जो पित्ताशय (Gallbladder) में इकट्ठा होता रहता है। जब हम खाना खाते हैं, तो यह पित्त छोटी आंत में जाकर भोजन को पचाने में मदद करता है। लेकिन जब किसी कारणवश यह पित्त गाढ़ा होने लगता है, तो धीरे-धीरे इसमें पथरी बन जाती है।

गॉलब्लैडर की बनावट ऐसी होती है कि पथरी सीधे बाहर नहीं निकल सकती — इसलिए पथरी का घुलकर निकलना ही एकमात्र प्राकृतिक रास्ता है। होम्योपैथिक दवा यही काम करती है। पथरी के आकार और घनत्व (density) के अनुसार इसे घुलने में 3 महीने से लेकर 1 साल तक का समय लग सकता है।
हर 3 महीने में अल्ट्रासाउंड करवाने से यह पता चलता है कि पथरी कितनी घुली है। जो पथरी कम घनी (less dense) होती है, वह जल्दी घुलती है। घुलने के बाद यह common bile duct के रास्ते से शरीर से बाहर निकल जाती है। साथ ही यह दवा नई पथरियाँ बनने से भी रोकती है।
2. पाचन शक्ति को मज़बूत करने की दवा
पित्ताशय में पथरी होने पर अक्सर पाचन तंत्र कमज़ोर पड़ जाता है। इससे पेट में दर्द, गैस और अपच जैसी तकलीफें होने लगती हैं — और नई पथरियाँ बनने का खतरा भी बना रहता है।
इसलिए दवा का एक हिस्सा पाचन शक्ति को दुरुस्त करने पर केंद्रित होता है, ताकि शरीर खुद को ठीक करने में सक्षम बने और समस्या दोबारा न हो।
3. दर्द और अन्य तकलीफों की दवा
जब पथरी हिलती है या मरीज़ ज़्यादा वसायुक्त खाना खा लेता है, तो अचानक तेज़ दर्द, उल्टी या गैस की शिकायत हो सकती है। मरीज़ को तुरंत राहत मिले इसके लिए लक्षणों के अनुसार अलग दवाएं भी साथ दी जाती हैं।
हम कौन सी दवाएं इस्तेमाल करते हैं?
हम केवल जर्मन होम्योपैथिक दवाएं उपयोग करते हैं जो बीमारी की जड़ पर काम करती हैं। इनका कोई दुष्प्रभाव (Side Effect) नहीं होता। दवाओं के साथ खान-पान की एक सूची भी दी जाती है जिसे ध्यान में रखना ज़रूरी है — यह दवा के असर को और बेहतर बनाती है।
इलाज शुरू करने की प्रक्रिया क्या है?
दवा मंगवाने से पहले नीचे दिए गए फॉर्म में अपनी और अपनी बीमारी की बुनियादी जानकारी भरें। इसके बाद अपनी अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट हमें WhatsApp पर भेजें।
रिपोर्ट मिलते ही हमारे डॉक्टर आपको कॉल करेंगे, आपके लक्षण विस्तार से समझेंगे और उसी आधार पर आपके लिए दवा तैयार करेंगे। अगर आपके मन में कोई सवाल है तो उसी कॉल पर पूछ सकते हैं।
होम्योपैथिक दवा के फायदे
- अगर कोई मरीज ऑपरेशन(सर्जरी) नहीं करवाना चाहता तो उसके लिए यह दवा लाभदायक हो सकती है|
- पथरी के कारण होने वाली दिक्कतों से राहत दिलवाती है|
- नई पथरीया बनने से रोकती है और पुरानी पथरीयो को घोल कर बाहर निकालने का काम करती है|
- आपकी पाचन शक्ति को मजबूत करती है|
हमारे डॉक्टर के बारे में जाने

डॉ. सिमरनजीत कौर बरार
BHMS, CNCC (Reg. No: CHSM-PB-4000A)
डॉ. सिमरनजीत कौर बरार पिछले 10+ वर्षों से पित्त की पथरी (Gallstones) और संबंधित समस्याओं के मरीजों का उपचार कर रही हैं।
वे Homeo Solutions के संस्थापक हैं, जहाँ मरीजों को सही मार्गदर्शन के साथ सुरक्षित और प्रभावी होम्योपैथिक उपचार दिया जाता है।
हर मरीज का केस उसकी अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट और लक्षणों के आधार पर ध्यान से समझा जाता है, ताकि सही और व्यक्तिगत सलाह दी जा सके।
हर दिन 50+ पथरी के मरीज अपनी रिपोर्ट के साथ डॉक्टर से परामर्श लेते हैं और सही मार्गदर्शन प्राप्त करते हैं।
पित्त की पथरी, दर्द, गैस, बदहजमी, फैटी लिवर और बार-बार पथरी बनने जैसी समस्याओं के इलाज में इन्हें अच्छा अनुभव है।
अब तक इन्होंने भारत और विदेशों के हजारों पथरी के मरीजों का सफलतापूर्वक उपचार किया है।
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पित्त की पथरी की जर्मन होम्योपैथिक दवा लेने के फायदे – (Pitt ki Pathri ka Homeopathic ilaj)

पित्त की पथरी का बिना ऑपरेशन ईलाज
यदि आप बिना सर्जरी के पित्ताशय की पथरी का इलाज ढूंढ रहे हैं, तो पित्ताशय की पथरी का होम्योपैथिक उपचार आपके लिए सबसे अच्छा विकल्प है। सर्जरी से हमारे शरीर पर कई दुष्प्रभाव पड़ते हैं। पित्त पथरी के इलाज के लिए होम्योपैथिक दवाएं बहुत प्रभावी हैं। होम्योपैथी पित्त पथरी की पुनरावृत्ति को रोकने में भी मदद करती है ताकि पथरी बार-बार न बने।

पथरी का जड़ से ईलाज
हमारी गाल ब्लैडर स्टोन की होम्योपैथिक मेडिसिन आपकी बीमारी की जड़ पर काम करती है और पथरी के कारन होने वाली दिक्कतों को ख़तम करती है | हमारी दवा लेने से आपकी पाचन शक्ति बढ़ती है | यह पित्त पथरी के लिए बिल्कुल हानिरहित और प्राकृतिक उपचार है। पित्ताशय की पथरी के लिए हमारी होम्योपैथिक दवा न केवल आपकी पथरी को दूर करती है बल्कि नई पित्त पथरी को बनने से भी रोकती है।

पित्त की पथरी का सस्ता और प्रभावशाली ईलाज
पित्त की थैली में स्टोन के इलाज के लिए हम सिर्फ जर्मन होम्योपैथिक दवा से ईलाज करते है जो बिना किसी दुष्प्रभाव से आपकी बीमारी पर काम करती है| पित्ताशय की पथरी के लिए हमारा होम्योपैथी उपचार सस्ता और हानिरहित है। हम पित्त पथरी के लिए केवल जर्मन होम्योपैथिक दवाओं का उपयोग करते हैं जो आपको अच्छे परिणाम देती हैं। पित्ताशय की पथरी के लिए होम्योपैथिक दवा का सेवन करने से हमारे शरीर पर कोई दुष्प्रभाव नहीं पड़ता है।
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गाल ब्लैडर (पित्ताशय) क्या है?
पित्त की थैली में पथरी के क्या लक्षण है?
पित्त की थैली में पथरी होने के लक्षण
पित्ताशय की पथरी ऊपरी दाहिने पेट में दर्द पैदा कर सकती है। आपको समय-समय पर पित्ताशय की थैली का दर्द होना शुरू हो सकता है जब आप ऐसे खाद्य पदार्थ खाते हैं जो वसा(फैट) में ज्यादा होते हैं, जैसे कि तले हुए खाद्य पदार्थ। दर्द आमतौर पर कुछ घंटों से अधिक नहीं रहता है।
- उल्टी
- गहरा मूत्र
- मिट्टी के रंग का मल
- पेट दर्द
- दस्त
- बदहजमी
बिना लक्षण वाली पित्त की पथरी क्या है ?
बिना लक्षण वाली पित्त पथरी
पित्ताशय की पथरी स्वयं दर्द का कारण नहीं बनती है। बल्कि, दर्द तब होता है जब पित्त पथरी पित्ताशय की थैली से पित्त की गति को अवरुद्ध (Block) करती है।
अमेरिकन कॉलेज ऑफ गैस्ट्रोएंटरोलॉजी के अनुसार, 80 प्रतिशत लोगों को “मूक पित्त पथरी है।.”इसका मतलब है कि वह दर्द का अनुभव नहीं करते हैं या सिर्फ लक्षण पाए जाते हैं | इन मामलों में, आपका डॉक्टर एक्स-रे से या पेट के अल्ट्रासाउंड दौरान पित्त पथरी की खोज कर सकता है।
पित्त की पथरी हो तो क्या खाना चाहिए?
पित्ताशय की पथरी के लिए खानपान
- हमारे शरीर में एक जैविक घड़ी होती है, अगर हम हर दिन एक ही समय पर भोजन करें और एक खास पैटर्न का पालन करें तो शरीर में एक चक्रीय हार्मोनल पैटर्न भी आ जाता है। यह गॉलस्टोन (पित्ताशय की पथरी) बनने से रोकता है। यहां तक कि अगर पित्ताशय की थैली ऑपरेशन के माध्यम से हटा दी जाती है, तो सी.बी.डी में पत्थर के गठन को रोकने के लिए पैटर्न बनाए रखना चाहिए।
- एक बार में ज्यादा खाने से बचें। बार-बार कम मात्रा में सेवन करने की कोशिश करें। दिन में पांच बार भोजन करें-नाश्ता, मध्याह्न भोजन, दोपहर का भोजन, शाम का नाश्ता और रात का खाना।
- एक स्वस्थ आहार के लिए आपके प्रयासों और निरंतर दृढ़ संकल्प की आवश्यकता होती है। आधुनिकीकरण के युग में, हर कोई व्यस्त है और अपनी टेबल पर सब कुछ तैयार रखना चाहता है। खाने का शेड्यूल नहीं रखा जाता है। जो कुछ भी आसानी से मिल जाता है वह पेट भरने के लिए ले लिया जाता है।
ताज़ा फल:-
ताजे फल आपके गॉल ब्लैडर के स्वास्थ्य के लिए बहुत जरूरी हैं। वे फैट और कैलोरी में स्वाभाविक रूप से कम होते हैं और इसमें विटामिन सी, फोलिक एसिड, पोटेशियम फाइबर होते हैं।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि आप अपने पर्यावरण और मौसम के आधार पर कोई भी ताजा फल चुन सकते हैं।
सब्ज़ियाँ :-
किसी भी सब्जी में फैट या कैलोरी नहीं होती है, जिसका अर्थ है कि आप जितना चाहें उतना खा सकते हैं। आप अपनी सब्जियां कैसे पकाते हैं, इस पर आवश्यक ध्यान दिया जाना चाहिए। कभी भी तली हुई सब्जियों का सेवन नहीं करना चाहिए। आप इसे उबाल या ग्रिल कर सकते हैं। खाना बनाने में कम से कम तेल का इस्तेमाल करना चाहिए।
कृपया किसी विशेष फल या सब्जी जिससे आपको एलर्जी हो कृपया उनसे सावधानी से खाओ।
साबुत अनाज :-
साबुत अनाज में फाइबर और फैट होता है और पोषक तत्व अधिक होते हैं। फाइबर पेट में भोजन कोलेस्ट्रॉल और पित्त को बांधने में मदद करता है। साबुत अनाज में घुलनशील और अघुलनशील फाइबर होते हैं जो बेहतर पाचन में मदद करते हैं और भूख कम करते हैं। अपने अनाज को चार प्रमुख भोजन में बांटें – नाश्ता, दोपहर का भोजन, शाम का नाश्ता और रात का खाना।
मछली:-
मछली को अगर कम मात्रा में लिया जाए और बिना भूने लिया जाए तो पित्ताशय की थैली के लक्षणों में मदद मिलती है। यह प्रोटीन से भरपूर होने के साथ-साथ स्वस्थ फैट से युक्त होता है जो पित्ताशय की थैली को कोई समस्या नहीं पैदा करेगा। डिब्बाबंद मछली के बजाय ताज़ी मछली चुनें और तेल में डूबी हुई डिब्बाबंद मछली उत्पादों से बचें।
लो-फैट डेयरी उत्पाद:-
पित्त पथरी वाले अधिकांश रोगी डेयरी उत्पादों से पूरी तरह परहेज करते हैं। डेयरी उत्पादों में कैल्शियम होता है जो एक स्वस्थ पित्ताशय की थैली का समर्थन करता है। कम फैट वाले डेयरी उत्पाद जैसे स्किम्ड मिल्क, स्किम्ड मिल्क से दही और छाछ को मध्यम मात्रा में लिया जा सकता है। पनीर/पनीर को सुबह के समय मध्यम मात्रा में लिया जा सकता है। मक्खन, आइसक्रीम, क्रीम, पनीर और मिठाई जैसे उच्च फैट वाले डेयरी उत्पादों से पूरी तरह से बचना चाहिए।
- दूध की जगह सोया मिल्क पी सकते हैं।
- सब्जियों में आप बीन्स और पत्तेदार सब्जी जैसे पत्तागोभी या पालक चुनें।
- होल ग्रेन में आप ब्राउन राइस, होल ग्रेन ब्रेड खा सकते हैं।
- हेल्दी फैट्स में आप फिश ऑयल, ऑलिव ऑयल चुन सकते हैं।
- फाइबर से डाइजेस्टिव सिस्टम अच्छा रहता है और गॉलब्लैडर में बीमारी का खतरा भी कम होता है।
- ऐसे फल और सब्जियां खाएं जिनमें विटामिन सी, कैल्शियम, विटामिन बी हो ताकि आपका ब्लैडर हेल्दी रहे।
- आपको फाइबर इंटेक बढ़ाने के लिए ताजे फल और सब्जियों को अपने हर मील में शामिल करना है।
- गॉलब्लैडर में स्टोन है तो आप लो-फैट प्रोटीन ले सकते हैं जैसे- नट्स, सीड्स, टोफू आदि।
- गॉलब्लैडर में स्टोन है तो आप लो-डेयरी प्रोडक्ट्स लें जैसे-सोया मिल्क, लो-फैट मिल्क, बादाम मिल्क आदि।
पित्त की थैली में स्टोन होने पे क्या करें?
जब पित्त की थैली में स्टोन हो जाए, तो निम्नलिखित उपाय करना सहायक हो सकता है:
डॉक्टर से परामर्श लें: सबसे पहले, एक योग्य डॉक्टर से मिलें ताकि वे आपकी स्थिति की सही जाँच कर सकें।
समस्याओं को समझें: डॉक्टर से अपनी स्थिति के बारे में सभी जानकारी हासिल करें। जानें कि पथरी कितनी बड़ी है और कितनी समस्या पैदा कर रही है।
खानपान में ध्यान दें: तला-भुना और चिकनाई वाला भोजन कम करें। हल्का और पौष्टिक भोजन लें।
दवाएँ और उपचार: होम्योपैथिक या अन्य प्राकृतिक उपचार डॉक्टर की सलाह से शुरू कर सकते हैं, अगर वे आपकी स्थिति के लिए उपयुक्त हों।
लक्षण समझें: पेट में दर्द, उल्टी, या अपच जैसे लक्षणों को नज़रअंदाज़ न करें। यह पित्त की थैली की स्टोन के लक्षण हो सकते हैं।
सर्जरी के विकल्प: अगर स्टोन बड़ा है या गंभीर समस्या पैदा कर रहा है, तो डॉक्टर सर्जरी की सलाह दे सकते हैं। इसे लेकर खुलकर बात करें और सभी विकल्पों को समझें।
पित्त की पथरी हो तो क्या नहीं खाना चाहिए?
- अगर आपको गॉलब्लैडर में स्टोन के कारण दर्द है या उल्टी जैसे लक्षण हैं तुरंत डॉक्टर से कंसल्ट करें।
- ऐसे लक्षण नजर आने पर आपको फैटी फूड पूरी तरह से अवॉइड करना चाहिए।
- गॉलब्लैडर में स्टोन है और फैटी फूड खा रहे हैं तो दर्द का कारण आपका खाना हो सकता है इसलिए खाना हल्का रखें।
- अगर आपके गॉलब्लैडर में स्टोन है तो आप जंक फूड, स्वीट ड्रिंक्स को अवॉइड करें।
- गॉलब्लैडर में स्टोन होने पर आपको चाय, कॉफी या एल्कोहॉल का सेवन नहीं करना चाहिए।
- आपको ऐसे फूड्स को अवॉइड करना है जिसको खाने से कोलेस्ट्रॉल बढ़ जाए।
- अगर आपके गॉल ब्लैडर में स्टोन है तो आपको ब्रेड, पास्ता नहीं खाना चाहिए।
- क्रीमी सॉस, चीज़, मेयोनीज़ भी अवॉइड करें।
- आइसक्रीम, कोकोनट या पॉम ऑयल अवॉइड करें।
- फ्राइड चिकन, पोटैटो फ्राइस, सॉसेज से भी दूर रहें।
- हाई-फैट डेयरी प्रोडक्ट्स जैसे फुल फैट मिल्क को अवॉइड करें।
- गॉलब्लैडर में स्टोन है तो पीनट ऑयल भी अवॉइड करें।
- लगभग सभी बेक हुए सामान मैदा, डेयरी, चॉकलेट और वसा से भरे होते हैं, इसलिए इनसे पूरी तरह बचना सबसे अच्छा है। यदि आपको बिस्किट पसंद है तो उन्हें साबुत अनाज और कम फैट का उपयोग करके घर पर बेक करें।
- तलने में इस्तेमाल होने वाले तेल का प्रकार उनके स्वास्थ्य जोखिम को प्रभावित करता है। विशेष रूप से डीप फ्राई करने से भोजन अधिक तेल सोखता है और फैट की मात्रा बढ़ जाती है। तलने के बजाय आप इसे सेंकना, उबालना और ग्रिल करना चुन सकते हैं। हो सके तो एयर-फ्रायर का इस्तेमाल करना बेहतर है।
- सोडा और अन्य प्रोसेस्ड शुगर ड्रिंक्स के सेवन से पित्ताशय की पथरी के लक्षण हो सकते हैं। इसलिए इनसे बचना बेहतर है। आप उन्हें कम से कम अतिरिक्त चीनी के साथ घर पर तैयार प्राकृतिक चीनी फलों के रस के साथ बदल सकते हैं।
- वसायुक्त मांस, विशेष रूप से, आपके पित्त पथरी के जोखिम को बढ़ा सकता है। इसलिए इससे बचना बेहतर है। फिर भी, आप इसे खाना चाहते हैं, आपको हमेशा कम फैट वाले लाल मांस या बिना त्वचा वाले चिकन या टर्की जैसे दुबले मांस का चयन करना होगा। यदि आप अपने पित्ताशय की थैली पर दबाव डालने से बचना चाहते हैं तो तला हुआ मांस एक बुरा विचार है।
- आपको कैफीन और अल्कोहल को सीमित करने की आवश्यकता है। अल्कोहल और कैफीनयुक्त ड्रिंक्स पदार्थ शुरू में मूत्र उत्पादन बढ़ा सकते हैं, लेकिन आपके शरीर के पानी को कम कर सकते हैं।
- यदि आप बहुत अधिक कार्बोहाइड्रेट और प्रोटीन खाते हैं, तो उन्हें ट्राइग्लिसराइड्स में परिवर्तित हो जाती है। ये फैट कोशिकाओं में जमा होते हैं, और लीवर में जमा हो सकते हैं और फैटी लीवर का कारण बन सकते हैं।
पित्ताशय की थैली को स्वास्थ्य बनाए रखने के लिए क्या करें?
स्वस्थ वजन बनाए रखें
अधिक वजन या मोटापा पित्त पथरी का कारण बन सकता है। मोटापा होने से व्यक्ति पित्त पथरी रोग का शिकार हो जाता है। अधिकतम वजन बनाए रखकर और तनाव-मुक्त रहकर शीर्ष आकार में रहने का प्रयास करें। ताजे फल और सब्जियों में भी पानी और फाइबर की मात्रा अधिक होती है, जो पेट भरा रहने में मदद कर सकता है। वनस्पति प्रोटीन का अधिक सेवन पित्ताशय की बीमारी के खतरे को कम करता है।
फाइबर का सेवन करें
फाइबर युक्त भोजन करना चाहिए, जो आपके खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करता है। यह आपके दिल की रक्षा करता है और पित्त पथरी को दूर रखने में मदद करता है। फाइबर आपके शरीर से पित्त को बाहर निकालता है। जौ, दाल, जामुन, ब्रोकोली, एवोकाडो, सेब और साबुत अनाज शामिल करें।
तले हुए भोजन से परहेज करें
तले हुए खाद्य पदार्थों में संतृप्त वसा होती है, जो रक्त में कोलेस्ट्रॉल बढ़ाती है। तो, उन्हें छोड़ दो. यहां तक कि प्रसंस्कृत और मसालेदार भोजन खाने से भी सख्त मनाही है क्योंकि यह आपके समग्र स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है।
पानी पियें
हाइड्रेटेड रहना महत्वपूर्ण है। पानी पित्त को बनने से रोकता है। यह पित्त पथरी से बचाता है। शोध के अनुसार, जो लोग अधिक पानी पीते हैं वे कम कैलोरी और कम चीनी खाते हैं।
व्यायाम
रोजाना व्यायाम करना जरूरी है. क्या आप जानते हैं कि नियमित शारीरिक गतिविधि आपको स्वस्थ और स्वस्थ रहने में मदद कर सकती है। यह आपको कैलोरी जलाने, मूड को बेहतर बनाने और पित्ताशय की रक्षा करने की अनुमति देता है। आप अपनी पसंद की कोई भी गतिविधि जैसे तैराकी, पैदल चलना, साइकिल चलाना या योग कर सकते हैं। सप्ताह में कम से कम 5 दिन वर्कआउट करें।
पित्त की सरचना क्या है ?
पित्त की पथरी कितने तरह की होती है ?
गॉल-ब्लैडर की पथरी के प्रकार
- कोलेस्ट्रॉल पथरी: कोलेस्ट्रॉल की पथरी पित्ताशय की पथरी का सबसे आम प्रकार है। यह लगभग 80 से 85% मामलों के लिए जिम्मेदार होते हैं। जैसा कि नाम से पता चलता है कि जो पथरी कोलेस्ट्रॉल से बनती है वह कोलेस्ट्रॉल पथरी कहलाती है। यह पित्त में पाया जाने वाला एक वसायुक्त पदार्थ है। यह पथरी आकार और रंग में भिन्न हो सकती हैं। अधिकतर मामलों में पथरी का रंग पीला और हरा होगा। कोलेस्ट्रॉल की पथरी तब विकसित होती है जब पित्त में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा संतुलित नहीं होती है, जिसके परिणामस्वरूप शरीर में कोलेस्ट्रॉल मात्रा बढ़ जाती है और यह जमने लग जाते हैं।
- पिगमेंट पथरी: पिगमेंट पथरी मुख्य रूप से बिलीरुबिन से बनती है। बिलीरुबिन एक प्रकार का पदार्थ है जो रेड ब्लड सेल्स के टूटने के बाद उत्पन्न होने वाले वेस्ट प्रोडक्ट से बनता है। इस प्रकार की पथरी का निर्माण कैल्शियम से भी हो सकता है, जो पित्त में पाया जाता है। कोलेस्ट्रॉल की पथरी के विपरीत, ये पथरी आम तौर पर छोटी और गहरे रंग की होती है। जब पित्त में बिलीरुबिन की मात्रा अत्यधिक हो जाती है तो पित्त अपना काम नहीं कर पाती है, जिसके कारण पित्त की पथरी का निर्माण होता है।
- मिक्स्ड पथरी कोलेस्ट्रॉल और बिलीरुबिन एवं कैल्शियम फॉस्फेट के बने होते है।
जब पथरी पित्ताशय में होती है तो उसे कोलिलिथिआसिस (cholelithiasis) कहा जाता है, अगर पथरी निकल कर बाइल डक्ट में आ जाए तो उसे कोलिकोलिथिआसिस(choledocholithiasis) भी कहा जाता है।
पित्त में पथरी कैसे बनती है ?
कभी-कभी पित्ताशय में कोलेस्ट्राल, बिलीरुबिन और पित्त लवणों का जमाव हो जाता है। अस्सी प्रतिशत पथरी कोलेस्ट्राल की बनी होती है। धीरे धीरे वे कठोर हो जाती हैं तथा पित्ताशय के अंदर पत्थर का रूप ले लेती हैं। कोलेस्ट्रॉल स्टोन पीले-हरे रंग के होते हैं।
आपके पित्ताशय को स्वस्थ होने और ठीक से काम करने के लिए अपने पित्त को खाली करने की आवश्यकता होती है। यदि यह पित्त सामग्री को खाली करने में नाकामयाब होती है, तो पित्त अत्यधिक बनना शुरू हो जाता है, जिसके कारण पत्थर बनते हैं।
पित्त में पथरी का दर्द कहाँ होता है?
पित्त में पथरी का दर्द
पित्त की पथरी का दर्द ऊपरी दाएं या पेट के केंद्र में हो सकता है, पित्त की पथरी का दर्द आपकी पीठ आपके कंधे के ब्लेड के बीच या आपके दाहिने कंधे के बीच भी हो सकती है। आपको उल्टी भी हो सकती हैं या मिचली महसूस कर सकते हैं। दर्द आमतौर पर 20 मिनट और एक घंटे के बीच रहता है।
पित्त नली में पथरी होने पर क्या होता है?
लक्षणों वाली पित्त पथरी से गंभीर कोलेसिस्टिटिस विकसित करने का जोखिम 1 से 3 प्रतिशत है।
पित्त की नली में पथरी (कोलेसिस्टिटिस) से जुड़े लक्षण कौन से पाये जाते है
- ऊपरी पेट या मध्य-दाएं पीठ में गंभीर दर्द
- बुखार
- ठंड लगना
- भूख न लगना
- उल्टी
किसी डॉक्टर को तुरंत दिखाएं यदि ये लक्षण 1 से 2 घंटे से अधिक है और बुखार भी है |
अन्य प्रकार के जोखिम जैसे की
बिना अच्छे इलाज के कारण पित्त पथरी खतरे का कारण बन सकती है जैसे
- पीलिया, आपकी त्वचा या आंखों में पीला रंग।
- कोलेसिसटाइटिस, एक पित्ताशय की थैली मे इन्फेक्शन |
- पैंक्रियास की सूजन।
- पित्ताशय की थैली का कैंसर।
महिलाओं में पित्त पथरी की समस्या अधिक सामान्य क्यों होती है ?
नतीजतन, महिलाओं में वजन बढ़ने और घटने की संभावना अधिक होती है। अतिरिक्त वजन महिलाओं के रक्त प्रवाह में कोलेस्ट्रॉल के स्तर में वृद्धि का कारण बन सकता है। मोटापा एस्ट्रोजेन हॉर्मोन के ऊंचे स्तर से जुड़ा हुआ है। उसी तरह तेजी से वजन घटने का प्रभाव वजन बढ़ने के समान ही होता है।
जब आप एक साथ बहुत अधिक वजन कम करते हैं, तो आपका लीवर कोलेस्ट्रॉल की असामान्य रूप से अत्यधिक मात्रा को सम्भालता है, जिसे संसाधित कर आपके पित्त में भेज दिया जाता है। अत्यधिक कोलेस्ट्रॉल की वजह से महिलाओं में पित्त पथरी होने की संभावना अत्यधिक हो जाती हैं।
होम्योपैथी में पित्त की थैली में पथरी का इलाज बिल्कुल हानिरहित और प्राकृतिक उपचार है। पित्ताशय की पथरी के लिए हमारी होम्योपैथिक दवा न केवल आपकी पथरी को दूर करती है बल्कि नई पित्त पथरी को बनने से भी रोकती है।
पित्त की पथरी के बारे में कैसे पता लगा सकते है ?
पित्त की पथरी पता करने के लिए टेस्ट
- अल्ट्रासाउंड द्वारा :- एक अल्ट्रासाउंड आपके पेट की छवियों का उत्पादन करता है। यह पुष्टि करने के लिए पसंदीदा विधि है जिससे पता लगता है कि आपको पित्त की बीमारी है। यह तीव्र कोलेसिस्टिटिस से जुड़ी असामान्यताएं भी दिखा सकता है।
- पेट सीटी स्कैन द्वारा :- यह इमेजिंग परीक्षण आपके यकृत (liver) और पेट क्षेत्र की तस्वीर लेता है।
- पित्ताशय की थैली रेडियोन्यूक्लाइड स्कैन के द्वारा:- इस महत्वपूर्ण स्कैन को पूरा होने में लगभग एक घंटे का समय लगता है। एक विशेषज्ञ आपकी नसों में एक रेडियोधर्मी पदार्थ इंजेक्ट करता है। पदार्थ आपके रक्त के माध्यम से यकृत (Liver)और पित्ताशय की थैली तक जाता है। एक स्कैन पर, यह पत्थरों से पित्त में या इन्फेक्शन रुकावट का सुझाव देने के लिए सबूत प्रकट कर सकता है।
- रक्त जांच :- आपका डॉक्टर रक्त परीक्षण का आदेश दे सकता है जो आपके रक्त में बिलीरुबिन की मात्रा को मापता है। परीक्षण यह निर्धारित करने में भी मदद करते हैं कि आपका जिगर कितना अच्छा काम कर रहा है।
पित्त की पथरी का इलाज कैसे किया जाये ?
पित्त की पथरी का इलाज
ज़्यादातर, आपको पित्त पथरी के लिए उपचार की आवश्यकता नहीं होती है जब तक कि वह आपको दर्द न दें। यदि आप दर्द में हैं, तो आपका डॉक्टर सर्जरी की सिफारिश करेगा यदि आप सर्जरी करवाने की अवस्था या अभी सर्जरी नहीं करवाना चाहते तो आप हमारे डॉक्टर से परामर्श कर के होम्योपैथी में पित्त की थैली में पथरी का ईलाज शुरू करवा सकते है | यदि आपको पित्त पथरी है और कोई लक्षण नहीं हैं, तो आप अपनी रोज की व्यस्त जीवन में बदलाव कर सकते हैं।
पित्त की पथरी का घरेलू उपचार क्या है?
पित्ताशय की थैली को स्वास्थ्य बनाए रखने के लिए सुझाव
- स्वस्थ वजन बनाए रखें।
- तेजी से वजन घटाने से बचें।
- कसरत करते रहे |
- आपके डॉक्टर द्वारा बताई गई चीज़ो का ही सेवन करे |
- कुछ पोषक तत्व आप विटामिन सी, लोहा शामिल कर सकते हैं ।
क्या होम्योपैथिक दवाएं पित्त पथरी का इलाज कर सकती हैं?
पित्त पथरी का होम्योपैथिक इलाज
Homeopathy treatment of gall bladder stone
होम्योपैथी में पित्त की थैली में पथरी का इलाज बहुत कारगर है। पित्त की पथरी इसलिए बनती है क्योंकि पित्ताशय में जमा होने वाला पित्त, जो लीवर से उत्पन्न होता है, बहुत अच्छी गुणवत्ता का नहीं होता है। यदि पित्त की संरचना सही है तो, पथरी नहीं बनती है । पित्ताशय में पित्त ही है जो जम जाती है और फिर बाद में पथरी बन जाती है। यदि पथरी 3 मिमी से अधिक है, तो पथरी पित्त नली के माध्यम से नीचे नहीं जा सकती है, और समाप्त नहीं की जा सकती है। तो ऐसे रोगियों में होम्योपैथिक दवा पित्त पथरी को घोलने में मदद करती है और फिर निकल जाती है।
आमतौर पर जो पित्त पथरी बनती है उसकी संरचना ऐसी होती है कि हमारे लिए पित्त पथरी को घोलना बहुत मुश्किल होता है। इसलिए व्यक्ति की शारीरिक संरचना और उसके लक्षणों के आधार पर, पित्त की संरचना को बदलकर कुछ होम्योपैथिक दवाओं का उपयोग किया जाता है। पित्ताशय की पथरी की पुनरावृत्ति को होम्योपैथी रोकने में मदद करती है ताकि बार-बार पथरी न बने।
जर्मन होम्योपैथिक दवाओं से पित्ताशय की पथरी का इलाज रोग की जड़ का इलाज करता है और स्थायी प्रभाव देता है। यह पित्त पथरी के लिए बिल्कुल हानिरहित और प्राकृतिक उपचार है।
पित्ताशय की पथरी के लिए होम्योपैथी मेडिसिन कौनसी है?
Homeopathy medicine for gall bladder stone in hindi
गॉल ब्लैडर स्टोन के लिए होम्योपैथी मेडिसिन पथरी के उपचार के लिए उपलब्ध हैं। होम्योपैथी एक वैकल्पिक चिकित्सा प्रणाली है जो व्यक्ति विशेष के लक्षणों के आधार पर उपचार का प्रावधान करती है। कुछ प्रमुख होम्योपैथी दवाएं जो गॉल ब्लैडर स्टोन के लिए प्रचलित हैं.
होम्योपैथी का उद्देश्य केवल लक्षणों का इलाज करना नहीं है, बल्कि रोग की जड़ को ठीक करना है। इसलिए, यह आवश्यक है कि सही दवा का चयन रोगी के व्यक्तिगत लक्षणों के आधार पर किया जाए। हमेशा किसी योग्य होम्योपैथिक चिकित्सक से परामर्श करें, जो आपके लक्षणों के अनुसार उचित दवा और उसकी मात्रा निर्धारित कर सके।
यदि पथरी की समस्या अधिक है, तो चिकित्सा जाँच और वैकल्पिक उपचार के लिए भी विचार करें। स्वास्थ्य से संबंधित किसी भी उपचार पद्दति के लिए विशेषज्ञ की सलाह को प्राथमिकता देना सदैव उचित होता है।
पित्त की पथरी की होम्योपैथी दवा कितनी लाभदायक है?
पित्त की पथरी की होम्योपैथी दवा के लाभ
Best treatment for gallstones
पित्त पथरी के इलाज में होम्योपैथिक दवाएं (homeopathic gallbladder stone medicine)बहुत प्रभावी हैं। ज्यादातर मामलों में, होम्योपैथिक दवाओं के सकारात्मक प्रभाव न केवल बीमारियों के उपचार में, बल्कि पूरे शरीर के उपचार में भी स्पष्ट होते हैं। होम्योपैथिक दवाएं विभिन्न तरल घटकों से बनाई जाती हैं। इन तत्वों के सेवन से बीमारी के वही लक्षण हो सकते हैं जो स्वस्थ लोगों में होते हैं।
होम्योपैथिक डॉक्टर मरीज के सभी लक्षणों, मानसिक स्थिति, चिकित्सीय और शारीरिक परीक्षण का अध्ययन करने के बाद ही दवा लिखते हैं। ऐसा यह सुनिश्चित करने के लिए किया जाता है कि रोगी को सबसे प्रभावी दवा मिले और उसे किसी भी दुष्प्रभाव का अनुभव न हो।
पित्त की पथरी के होम्योपैथिक उपचार के क्या नुक्सान है?
पित्त की पथरी के होम्योपैथिक उपचार के नुक्सान
होम्योपैथिक दवाओं के दुष्प्रभाव मामूली या दुर्लभ होते हैं। चूँकि ये दवाएँ तत्वों से बनी होती हैं, इसलिए इनका उपयोग करने पर साइड इफेक्ट का जोखिम अन्य उपचारों की तुलना में स्वचालित रूप से कम हो जाता है।
होम्योपैथिक दवाओं की प्रभावशीलता और सुरक्षा नैदानिक अध्ययनों में भी साबित हुई है।
क्या पित्त पथरी बिना सर्जरी के घुल सकती है?
क्या पित्त की थैली की पथरी की दवा असरदार है?
पित्त की थैली की पथरी की दवा
पित्त की थैली में पथरी के लिए होम्योपैथिक दवाएँ असरदार हो सकती हैं। होम्योपैथी प्राकृतिक तत्वों का उपयोग करके शरीर की अपनी उपचार क्षमता को बढ़ावा देती है। पित्त की थैली की पथरी के मामले में, होम्योपैथिक उपचार का उद्देश्य दर्द और जलन को कम करना और पथरी को बिना सर्जरी के निकालने में मदद करना हो सकता है।
हालांकि, यह ध्यान में रखना जरूरी है कि हर व्यक्ति की शारीरिक प्रतिक्रिया अलग होती है। कुछ लोग होम्योपैथिक दवाओं से अच्छा सुधार महसूस करते हैं, जबकि दूसरों को सर्जरी या अन्य चिकित्सा उपचार की आवश्यकता हो सकती है।
आपके लिए सबसे अच्छा इलाज क्या होगा, यह जानने के लिए एक अनुभवी होम्योपैथिक डॉक्टर से सलाह लेना महत्वपूर्ण है। डॉक्टर आपकी स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए आपके लिए उचित दवा और उपचार योजना बना सकते हैं
क्या पित्त की पथरी अपने आप निकल सकती है?
पित्त पथरी के लिए होम्योपैथिक दवा रोग की जड़ का इलाज करती है और स्थायी प्रभाव देती है। जर्मन होम्योपैथिक दवाओं से पित्त पथरी के उपचार से पथरी घुल सकती है और वे पित्त नली से आसानी से निकल सकती हैं।
गॉलब्लेडर के ऑपरेशन(surgery) के क्या नुक्सान है ?
गॉलब्लेडर के ऑपरेशन(surgery) के नुक्सान
अगर कोई मरीज गॉलब्लेडर का ऑपरेशन करवाता है तो उसका गॉलब्लेडर(पित्त की थैली) बाहर निकाली जाती है | जिसके कारण लिवर से निकला हुआ पित्त स्टोर करने की जगह नहीं रहती है जो पित्त खाना पचाने में मदद करता है | गॉलब्लेडर निकाल देने से आपकी पाचन शक्ति कमजोर हो सकती है और उच्च बसा(fat) वाला खाना खाने से Ingestion हो सकती है | इसके ईलावा मरीज को एसिडिटी, गैस, उलटी और कब्ज़ की दिक्कत रहने लगती है अगर कब्ज ज्यादा देर तक रहे तो बवासीर(piles) भी हो सकती है |
1. खाना पचने में परेशानी
अचानक से, शरीर का एक हिस्सा अलग हो जाने के कारण शरीर को नई प्रक्रिया समझने में थोड़ा समय लग सकता है, इसलिए बाइल जूस छोटी आंत तक बहुत कम मात्रा में जाता है। परिणामस्वरूप डायरिया हो सकता है। इसके अलावा कई बार पित्ताशय की पथरी कॉमन बाइल डक्ट (common bile duct) में हो सकती है और छोटी आंत में बाइल थोड़ी मात्रा में भी नहीं पहुँचता है। इसलिए, अगर आपका खाना बिल्कुल भी नहीं पचता है तो डॉक्टर से जाँच करवाना चाहिए।
2. घाव में इन्फेक्शन
गाल-ब्लैडर को हटाने के लिए या तो ओपन सर्जरी या फिर लेप्रोस्कोपिक सर्जरी का इस्तेमाल होता है। ओपन सर्जरी में घाव बड़ा होता है जबकि, लेप्रोस्कोपिक में छोटा कट होता है। सर्जरी वाली जगह में इन्फेक्शन का खतरा बढ़ सकता है। इसके अलावा इलाज के दौरान अगर उपकरणों को उपयोग करने में कोई लापरवाही हुई तो भीतरी अंग को भी नुकसान पहुँच सकता है। इसलिए, सर्जरी के पहले यह सुनिश्चित कर लें कि सर्जन को कई वर्षों का अनुभव हो।
3. दर्द
सर्जरी के स्थान पर सूजन होना और त्वचा के रंग में परिवर्तन होना आम बात है लेकिन, अगर यह परिवर्तन असहनीय दर्द का कारण बनता है तो यह एक इन्फेक्शन का लक्षण हो सकता है। कभी-कभी चीरा वाले स्थान को हल्का स्पर्श करने पर भी दर्द होता है।
4. खून का थक्का बनना
कई लोगों को पित्ताशय हटवाने के बाद उनके रक्त में थक्का बन सकता है। यह थक्का विचारणीय होता है, क्योंकि यह खून के जरिए पूरी शरीर में भ्रमण कर सकता है और फेफड़ों में होने वाले रक्त प्रवाह को रोक सकता है। इसलिए, पित्ताशय हटवाने के बाद डॉक्टर के कहने पर जाँच जरूर करवाएं।
5. बाइल डक्ट में चोट आ जाना
बाइल डक्ट अर्थात पित्त की नली लीवर से बाइल जूस को आंत तक ले जाने का काम करती है। सर्जरी के दौरान अगर किसी कारण वश यह डैमेज हो जाती है तो पित्त रस (bile juice) पेट में लीक हो सकता है या फिर उचित मात्रा में निर्धारित अंग तक नहीं पहुँच पाता है।
6. हर्निया
सर्जरी के दौरान किसी टिश्यू को नुकसान पहुँचने से टिश्यू कमजोर पड़ सकती है और बाद में हर्निया हो सकता है।
सर्जरी के बाद बुखार आने का मतलब है कि आपका शरीर इन्फेक्शन से लड़ाई कर रहा है। ऐसी स्थिति में डॉक्टर से परामर्श लेना उचित होगा।
8. कब्ज
पित्ताशय को शरीर से अलग करने के लिए उपयोग की जाने वाली सर्जरी के बाद रिकवर होने के लिए दी जानी वाली दवाइयों के सेवन से और पाचन में कई तरह के बदलाव होने से कब्ज हो सकता है।
9. हृदय संबंधी रोग
अगर रोगी की हार्ट सर्जरी हुई है या रोगी हृदय रोगी है तो gall bladder हटवाना उसे अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित करेगा। सर्जरी के बाद रोगी का स्ट्रेस हृदय रोग को तीव्र कर सकता है। पित्ताशय हटवाने के बाद मोटापा, शुगर और कोलेस्ट्रोल लेवल में चढ़ाव आदि हो सकता है।
10. पीसीएस (PCS)
पीसीएस यानि पोस्ट-कोलेलिस्टेक्टॉमी सिंड्रोम (post-cholecystectomy syndrome), यदि पित्ताशय की पथरी पित्त नली में विकसित होती है तो पीसीएस हो सकता है। इसका कारण पेट में पित्त रक्त का अप्राकृतिक स्त्राव होना भी है। पीसीएस के लक्षण पित्ताशय की पथरी के समान होते हैं, जिसमे पेट दर्द, दस्त और सीने में जलन आदि शामिल है।
होम्योपैथी में पित्त की थैली में पथरी का इलाज
यदि आप बिना सर्जरी के पित्ताशय की पथरी का इलाज ढूंढ रहे हैं, तो पित्ताशय की पथरी का होम्योपैथिक उपचार आपके लिए सबसे अच्छा विकल्प है। होम्योपैथी पित्त पथरी की पुनरावृत्ति को रोकने में भी मदद करती है ताकि पथरी बार-बार न बने।
गॉलब्लेडर स्टोन का ऑपरेशन(surgery) करवाना कब जरूरी है ?
- अगर मरीज को बहुत ज्यादा दर्द रहता है और लगातार दर्द रहता है |
- अगर कुछ भी खाने से मरीज को उलटी होती है |
- अगर गॉलब्लेडर पथरीयों से पूरा भरा हुआ है |
- अगर गॉलब्लेडर पूरी तरह सिंघूड़ गया है और अपना काम नहीं कर रहा है |
पित्ताशय की थैली की सर्जरी के बाद रिकवरी कितने समय में होती है?
पित्ताशय हटाने की सर्जरी, यानी कोलेसिस्टेक्टोमी, एक सामान्य प्रक्रिया है जिसमें पित्ताशय को पूरी तरह से हटा दिया जाता है। प्रक्रिया के बाद रिकवरी त्वरित और दर्द रहित होती है, मरीज आमतौर पर कुछ दिनों के भीतर अपनी सामान्य गतिविधियों में लौटने में सक्षम होते हैं। सर्जरी के बाद ठीक होने में 6 सप्ताह तक का समय लग सकता है। आमतौर पर, लोग किसी भी मामूली दर्द या परेशानी को ओवर-द-काउंटर दवाओं से प्रबंधित कर सकते हैं। मरीजों को सफल रिकवरी सुनिश्चित करने के लिए ऑपरेशन के बाद की देखभाल के लिए अपने डॉक्टर के निर्देशों का पालन करना चाहिए, जैसे कि आहार प्रतिबंध।
पित्त की थैली के ऑपरेशन के बाद कितने दिन आराम करना चाहिए?
सर्जरी के बाद ठीक होने में 3 से 6 सप्ताह तक का समय लग सकता है। आमतौर पर, लोग किसी भी मामूली दर्द या परेशानी को ओवर-द-काउंटर दवाओं से प्रबंधित कर सकते हैं। मरीजों को सफल रिकवरी सुनिश्चित करने के लिए ऑपरेशन के बाद की देखभाल के लिए अपने डॉक्टर के निर्देशों का पालन करना चाहिए |
होम्योपैथी दूसरे इलाजों से बेहतर कैसे है?
Homeopathy medicine for gall bladder stone in hindi
होम्योपैथिक एक 100% प्रकृतिक ईलाज है | गाल ब्लैडर स्टोन की होम्योपैथिक मेडिसिन सेवन करने से हमारे शरीर पर कोई भी दुष्प्रभाव नहीं होता है। वही दूसरी ओर अँग्रेजी दवाइयो का लंबे समय तक सेवन करने से हमारे शरीर के कई मुख्य अंगो जैसे किडनी, लिवर पर गहरा दुष्प्रभाव पड़ता है। होम्योपैथी में पित्त की थैली में पथरी का इलाज बहुत कारगर है। व्यक्ति की शारीरिक संरचना और उसके लक्षणों के आधार पर, पित्त की संरचना को बदलकर कुछ होम्योपैथिक दवाओं का उपयोग करके पित्त की पथरी को घोल क्र बाहर निकला जा सकता है। पित्ताशय की पथरी की पुनरावृत्ति को होम्योपैथी रोकने में मदद करती है ताकि बार-बार पथरी न बने। मरीज को दर्द, गैस, उलटी जा अन्य दिक्कते हो सकती है, मरीज के लक्षणों और दिक्कतों के आधार पर होम्योपैथिक दवाएं दी जाती है, जिससे मरीज को तुरंत राहत मिल सके|
पित्त की थैली में पथरी के ईलाज के लिए आपको ज्यादातर डॉक्टर ऑपरेशन की सलाह देते हैं जिसके आपके शरीर पर और भी कई दुष्प्रभाव होते हैं और आपका हजारों रूपए ऑपरेशन पर लग जाता है | पित्त की थैली बाहर निकाल देने से आपकी पाचन शक्ती पर बुरा प्रभाव पड़ता है | हमारी गाल ब्लैडर स्टोन की होम्योपैथिक मेडिसिन आपके पथरी निकालने के साथ साथ पथरी बनने के कर्ण पर भी काम करती है | पित्त की थैली में पथरी की दवा, पथरी के कारन होने वाली दिक्कतों को ख़तम करती है और दवा से आपकी पाचन शक्ति बढ़ती है |
हमारे ईलाज के बारे में कुछ मरीजों के अनुभव
हमारे उपचार में शामिल सेवाएँ
✅ अनुभवी डॉक्टर द्वारा परामर्श (रिपोर्ट के आधार पर)
✅ उपचार के दौरान नियमित फॉलो-अप और मार्गदर्शन
इलाज में क्या-क्या शामिल है
✔️ पथरी और संबंधित लक्षणों के अनुसार निर्धारित दवाइयाँ
✔️ दर्द, गैस और पाचन संबंधी समस्याओं के लिए सहायक दवाइयाँ
✔️ डॉक्टर द्वारा प्रिस्क्रिप्शन
✔️ खान-पान और परहेज से संबंधित स्पष्ट निर्देश
✔️ दवाइयों के उपयोग (कैसे और कब लें) की पूरी जानकारी
इलाज कोर्स की जानकारी
Homeopathy Treatment for Gallbladder Stones
ईलाज के लिए हम सिर्फ जर्मन होम्योपैथिक दवायों का इस्तेमाल करते हैं, जो पथरी और पथरी के कारण होने वाले दर्द वह अन्य दिक्कतों को जल्दी ठीक करने में सक्षम है।
1 महीने का कोर्स
कैश ऑन डिलीवरी: ₹1100
ऑनलाइन पेमेंट: ₹1000
3 महीने का कोर्स
कैश ऑन डिलीवरी: ₹2,600
ऑनलाइन पेमेंट: ₹2,400
डिलीवरी: Free
अभी फ़ॉर्म भरें और डॉक्टर से सही सलाह प्राप्त करें
फ़ॉर्म के बाद रिपोर्ट WhatsApp पर भेजें (अगले पेज पर विकल्प मिलेगा)
✅ फ्री डॉक्टर कंसल्टेशन उपलब्ध
✅ विशेषज्ञ डॉक्टर की सलाह
Patient’s Reviews
No Title
मेरे गॉल ब्लैडर में 11 mm की पथरी थी। दर्द और गैस की समस्या काफी रहती थी। ऑपरेशन से डर लग रहा था, इसलिए मैंने Homeo Solutions से इलाज शुरू किया।
कुछ ही समय में आराम मिलने लगा। 3 महीने बाद अल्ट्रासाउंड करवाया तो पथरी नहीं थी।
डॉ. सिमरनजीत जी का धन्यवाद।
No Title
The best part is that they first understand your condition before starting treatment. My ultrasound report was checked properly, and the medicines were given based on my symptoms. I received regular follow-ups, and now my discomfort has reduced significantly.
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I was diagnosed with a 12 mm gallbladder stone and didn’t want to go for surgery. I was looking for gallbladder stone treatment without surgery and came across this clinic. After starting the treatment, I started feeling better within a week—my pain reduced and digestion also improved. The doctor explained things in a simple way and I got regular follow-ups as well. Overall, it was a really good experience for me.
No Title
मेरी पित्ताशय की थैली में 20 mm की पथरी थी| पथरी के कारण दर्द की दिक्कत थी| डॉक्टर सिमरनजीत द्वारा दिए गए इलाज से पित्ताशय की पथरी निकल गई एवं एवं सभी दिक्कतों में आराम रहा|
पित्त की 5 mm की पथरी निकली
मेरे पित्त में 5 mm की पथरी एवं गुर्दे में 5 एमएम की पथरी थी| 2 महीने की दवा से पित्त की पथरी निकल गई एवं गुर्दे की पथरी भी पेशाब की नली में बिल्कुल नीचे आ चुकी है, जिसकी दवाई चल रही हैं|
2-3 mm की पथरिया निकली
मेरे पित्ताशय में 2-3 mm की पथरिया थी| डॉ सिमरनजीत द्वारा दी गयी 3 महीने की दवा से पथरिया निकल गयी और पथरी के कारण होने वाली दिक्कत भी खत्म हो गई थी|
सही सलाह देने के लिए धन्यवाद
मेरे मामले में सर्जरी के लिए सही सुझाव देने के लिए मैं डॉ. सिमरनजीत का धन्यवाद करना चाहता हूं। मेरा पित्ताशय में बड़ी पथरियां और इन्फेक्शन थी, बहुत दर्द रहता था। उन्होंने मुझे सर्जरी सबसे अच्छा विकल्प बताया। सही सलाह देने के लिए डॉक्टर को फिर से धन्यवाद करना चाहता हूं।
पूरी पथरी नहीं निकली सिर्फ साइज कम हुआ
मेरी पूरी पथरी नहीं निकली सिर्फ साइज कम हुआ है, लेकिन दवाई शुरू करने के बाद मुझे पथरी के कारण होने वाली दिक्कतों से राहत मिल गयी थी, अभी डॉक्टर सिमरनजीत के अनुसार मेरी दवाई चल रही है| दवा कोर्स में डॉक्टर फ्री कंसल्ट करते है और किसी भी जानकारी के लिए इनका स्टाफ पूरी मदद करता है|
गॉलब्लेडर की छोटी-छोटी पथरीयां निकली
मेरे गॉलब्लेडर में छोटी-छोटी पथरीयां थी | पथरियों के कारण दर्द और बदहजमी की दिक्कत थी|होम्योपैथिक दवायों से सारी पथरीयां निकल गई एवं सभी दिक्कतों में आराम रहा| डॉ सिमरनजीत के बताये अनुसार मैंने खाने पीने का पूरा परहेज किया था| डॉ का बहुत धन्यबाद
4-10MM की पथरीयां निकली
मेरे पित्ताशय में 4-10MM की पथरीयां थी| पथरियों के कारण दर्द और बदहजमी की दिक्कत थी| डॉ सिमरनजीत द्वारा दी गयी 3 महीने की दवा से पित्ताशय की सारी पथरीयां निकल गई एवं सभी दिक्कतों में आराम रहा|
दवा कोर्स में फ्री डॉक्टर कंसल्टेशन
यह क्लिनिक दवा शुरू करने के बाद अच्छी सेवा प्रदान करता है। इलाज के दौरान फीडबैक लेने के लिए मुझसे संपर्क भी किया। इलाज के दौरान मैंने 2 बार डॉक्टर से फ्री कंसल्ट भी किया।
2 महीने की दवा से पथरी निकली
मेरे गॉलब्लेडर में 4 mm की पथरी थी|2 महीने की दवा से पथरी निकल गई एवं सारी दिक्कतों खत्म हो गई|
सारी पथरिया निकल गयी
मेरे गॉलब्लेडर में 4-10MM की मल्टीपल पथरीयां थी| पथरियों के कारण दर्द और बदहजमी की दिक्कत थी| 3 महीने की दवा से पित्ताशय की सारी पथरीयां निकल गई एवं सभी दिक्कतों में आराम रहा| धन्यवाद डॉक्टर!!
पित्त और गुर्दे की पथरी 3 महीनों में निकली
मुझे पित्त की पथरी थी ऐंव गुर्दे में भी छोटी छोटी पथरियां थी और पथरी के कारण दर्द की दिक्कत थी| डॉक्टर सिमरनजीत द्वारा दी गयी 3 महीने की दवा से पित्ताशय की पथरी निकल गई और गुर्दे की पथरी भी निकल गई|
पित्ताशय की पथरी निकली
मेरी पित्ताशय की थैली में 6 mm की पथरी थी| पथरी के कारण दर्द की दिक्कत थी| 1.5 महीने की दवा से पित्ताशय की पथरी निकल गई एवं सारी दिक्कतों खत्म हो गई|
3 महीनो में सारी पथरियां निकली
मेरे पित्ताशय में कई पथरीया थी| डॉ सिमरनजीत ने मुझे 3 महीने दवा का कोर्स दिया और उसके बाद रिपोर्ट करवाई तो सारी पथरीया निकल चुकी थी| डॉक्टर का बहुत धन्यवाद, में ऑपरेशन से बच गया|
पित्त की सारी पथरियां ख़तम
मेरे पित्ताशय के अंदर कई छोटी छोटी पथरियां थी, डॉक्टर सिमरनजीत द्वारा दी गयी 3 महीने की पित्ताशय की पथरी की दवा से पित्ताशय की पथरियां निकल गयी थी| दर्द और गैस की दिक्कत भी दवा शुरू करने के बाद ख़तम हो गयी थी|
5.6, 4.9 MM और छोटी पथरीयां पूरी तरह से निकल गई
मेरे पित्ताशय में कई पथरीयां थीं, सबसे बड़ी 5.6, 4.9 MM की थी| पित्त की पथरी के 3 महीने के उपचार से, पथरीयां पूरी तरह से निकल गई थी, पथरी के कारन होने वाली अन्य दिक्क्तें भी खत्म हो गयी थी|
पित्त और गुर्दे की पथरी निकली
मेरी पित्त की थैली में 13.62 mm की पथरी थी और गुर्दे में भी छोटी छोटी पथरियां थी और पथरी के कारण दर्द की दिक्कत थी| 3 महीने की दवा से पित्ताशय की पथरी निकल गई और गुर्दे की पथरी भी निकल गई|
Correct Opinion
I want to thank Dr Simranjit for giving me the right suggestion for surgery in my case. My gallbladder was filled with gallstones and had severe pain. She told me surgery is the best option in your case. I again want to thank the doctor for the right opinion.
अभी पूरी पथरी नहीं निकली
मेरे पित्ते में पथरी थी , और मुझे तेज दर्द के साथ कई और दिक्कते भी थी| पहले 10 दिन में पथरी के कारण होने वाली दिक्कते ठीक हो गयी थी| 3 महीने दवाई खाने के बाद मैंने जब अल्ट्रा साऊंड करवाया तो पथरी का सिर्फ साइज कम हुआ था लेकिन पथरी पूरी तरह से नहीं निकली, डॉक्टर के कहने पर मेरी अभी दवाई आगे चल रही है| अगर पथरी निकलेगी तो अपना अनुभव साँझा करूंगा|
पथरी के दर्द से राहत
मेरी पथरी नहीं निकली लेकिन दवाई शुरू करने के बाद मुझे दर्द, गैस और बदहजमी की दिक्कतों से राहत मिल गयी थी, अभी डॉक्टर सिमरनजीत के अनुसार में सिर्फ खाने पिने का परहेज रख रही हूँ और अभी ऑपरेशन नहीं करवाना चाहती| मुझे ऑपरेशन करवाने से डर लगता है|
Genuine Price
Homeo Solutions treatment for gallstones price is very genuine compared to others. They also use german homeopathic medicine which are of good quality and effective. The doctor also provides free consultations before and during the treatment. Thank you!!
Free and right advice
Dr Simranjit provides free and right consultation to their patients. My relative also consulted with Dr Simranjit for gallstones issue and doctor suggested surgery for her as per the case. In my case, homoeopathy medicine treatment is going through, and I get relief from symptoms. Thank you.
Good patient Service
Homeo Solution’s provides good patient service. One thing I like most is that they also contacted me during the treatment to get feedback. I also consulted with a doctor 2-3 times free of cost during the treatment.
पित्त की पथरी
मेरे गाल-ब्लैडर में 6 mm की पथरी थी| बहुत दवाएं खायी लेकिन कोई फर्क नहीं पड़ा| में ऑपरेशन करवाने से डरता था और दर्द भी बहुत तेज होता था| मेरे दोस्त के कहने पर मेनें Homeo Solutions से दवाई खायी| 3 महीने बाद रिपोर्ट करवाई तो पथरी निकल चुकी थी, दर्द और गैस की दिक्कत भी दवाई कोर्स शुरू करते ही ठीक हो गयी थी|
पित्त की पथरी का ईलाज
क्या आपकी दवाई से हमेशा के लिए पित्त की पथरी की समस्या ठीक हो जाती है?
Response from Homeo Solutions
पित्त की पथरी ठीक हो सकती है, अपनी अल्ट्रासाउंड(सोनोग्राफी) यां अन्य रिपोर्टस को हमें 90413 21419 पर WhatsApp कर दें| आपकी रिपोर्ट्स आने के बाद हमारे डॉक्टर आपको कॉल करके अधिक जानकारी देंगे| धन्यवाद!
प्रभावी उपचार
इस क्लिनिक द्वारा दिया जाने वाला होम्योपैथी उपचार छोटी पित्त पथरी को घोलने का काम करता है। यह दर्द, भारीपन, पेट फूलना और गैस जैसे लक्षणों को ठीक करने में भी मदद करता है।

